Sunday, June 28, 2026
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 सितार और तबले की जुगलबंदी से बही “वसंत बयार”

 सितार और तबले की जुगलबंदी से बही “वसंत बयार”

@देहरादून, 23 फरवरी, 2025 ।।

दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र द्वारा रविवार की सायं संस्थान के सभागार में वसंत के स्वागत में ‘वसंत राग ध्वनि’ के तहत वसंतोत्सव क़ा आयोजन किया गया. शास्त्रीय संगीत पर आधारित इस कार्यक्रम में आकाशवाणी के टॉप ग्रेड सितार वादक पंडित रॉबिन कर्माकर ने अपनी शानदार प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। इस अवसर पर उनके साथ आकाशवाणी के बी हाई ग्रेड कलाकार प्रदीप्त डे ने तबले पर जोरदार संगत की।

पंडित रॉबिन कर्माकर ने सभागार में उपस्थित श्रोताओं को अपने घराने के साथ-साथ सितार वादन की बारिकियां एवं राग बसंत के विभिन्न प्रकारों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। सभागार में उपस्थित श्रोताओं से सम्वाद करते हुए राग बसंत, परज, गोपिका बसंत, हवेली बसंत, शुद्ध बसंत, बहार, मालकौस-बहार, भैरव-बहार, हेम-बहार, बसंत बहार आदि की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने राग गोपिका बसंत में आलाप के पश्चात विलम्बित एवं द्रुत बंदिश तीन ताल में प्रस्तुत की। गोपिका बसंत के पश्चात राग मिश्र काफी में होरी प्रस्तुत की।

कार्यक्रम के अंत में उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्ध गीत “हे दीदी हे भूलि हे ब्वारी” एवं होली गीत “मत मारो मोहन लाला पिचकारी” की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का समापन किया। प्रदीप्त डे ने तबले पर साथ देकर श्रोताओं को मन्त्रमुग्ध किया। लोकगीत की धुन के साथ आकाशवाणी के ए ग्रेड हुड़का वादक राम चरण जुयाल ने हुड़का संगत की एवं श्रोताओं को झूमने में मजबूर किया।

Bharti anand ananta
Bharti anand ananta

कार्यक्रम से पूर्व दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के प्रोग्राम एसोसिएट चन्द्रशेखर तिवारी ने सभागार में उपस्थित श्रोताओं का स्वागत किया और कहा कि शास्त्रीय संगीत पर आधारित इस तरह कार्यक्रम हिन्दुस्तानी संगीत परम्परा को आज भी जीवंत बनाये हुए है. कार्यक्रम क़ा सुरुचि पूर्ण संचालन आकाशवाणी देहरादून की उद्घोषिका श्रीमती भारती आनन्द ने किया। इस अवसर पर सभागार में आकाशवाणी देहरादून के पूर्व केन्द्र निदेशक विभूति भूषण भट्ट, रेखा धस्माना , डी सी कांडपाल,अजय शर्मा, अनिल डोगरा, वी के डोभाल,मधन बिष्ट, शास्त्रीय संगीतकार उत्पल सामंत, गार्गी भट्टाचार्य, डॉ० राकेश मोहन, सुन्दर सिंह बिष्ट, आलोक सरीन सहित अनेक संगीत प्रेमी, लेखक, पाठक और शहर के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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