Thursday, May 14, 2026
Home साहित्य गांधी जी की तरह सरल व्यक्तित्व था शास्त्री जी का

गांधी जी की तरह सरल व्यक्तित्व था शास्त्री जी का

गांधी जी की तरह सरल व्यक्तित्व था शास्त्री जी का

Govind Prasad Bahuguna
यह भी क्या संयोग रहा  कि दोनो की जन्म तिथि भी एक हुई I लालबाहदुर शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को  मुगलसराय उत्तर प्रदेश में मुंशी  शारदा प्रसाद श्रीवास्तव जी के घर हुआ था I

Gandhi and Shastri
Gandhi and Shastri

काशी विद्यापीठ ने  जब उन्हें “शास्त्री”  की उपाधि दी, तबसे उन्होंने अपने नाम के साथ *श्रीवास्तव* का जातिसूचक शब्द हटाकर शास्त्री लिखना शुरू किया, फिर उनके बेटों के नाम के साथ भी यह टाइटल स्वतः जुड़ गया । अत्यंत विनम्र और शालीन,  ईमानदार राजनेता की मिसाल थे वे।  शास्त्री जी प्रधानमंत्री के सर्वोच्च पद पर रहते हुए भी उनको कभी अहंकार छू नहीं पाया। एक प्रसंग पिता जी ने सुनाया था हमें,  जो उन्होंने भी अखबार में ही पढ़ा था कि जब वे केंद्रीय रेल मंत्री थे तो सुबह कोई सज्जन उनसे मिलने आए जिनसे उनका कोई पूर्व परिचय नहीं था।

तभी शास्त्री जी धोती बनियान पहने स्नानघर से बाहर अपनी धोई हुई  धोती सुखाने बाहर  आए तो  आगंतुक ने उन्हें शास्त्री जी का सेवक समझकर कहा -शास्त्री जी से मिलना है, उनसे जाकर कहो कि -फलां आदमी उनसे मिलने आया है । शास्त्री जी अंदर गए कपड़े पहन कर फिर बाहर आए और उन्हें अपनी बैठक में ले गए फिर उन्हें पानी का गिलास थमाते हुए बोले- कहिए क्या काम है शास्त्री से , वह में ही हूं। वह व्यक्ति शर्म से पानी पानी हो गया लेकिन शास्त्री जी ने उन्हें सहज किया उनकी बात सुनी –
भारत पाकिस्तान युद्ध के समय जब वे प्रधानमंत्री थे तो उन्होंने देशवासियों से कहा कि सप्ताह में  एक दिन का  व्रत रखो उससे जो अन्न बचेगा वह हमारे सैनिकों के काम आएगा लेकिन इसकी घोषणा करने से पहले उन्होंने अपने परिवार के सब बच्चों से पूछा एक दिन बिना भोजन के रह सकते हो ? जब सबने अपनी सहमति दे दी तो उन्होंने अपील जारी की कि मंगलवार को व्रत रखें।  लिहाजा उस दिन कोई होटल भोजन नहीं खिलाता था,  बंद रहते थे – ऐसे निर्णय होते थे उनके – चुपके- चुपके बिना जनता को विश्वास में लिए निर्णय लेने की उनकी कभी  शैली नहीं रही -ऐसे दूसरे “महात्मा लाल बहदुर शास्त्री”  को मेरा नमन -GPB

Bharti Anand Ananta
शोध, समसामयिक विषयों पर लेखन, कविता/कहानी लेखन, कंटेंट राइटर, स्क्रिप्ट राइटर, थियेटर आर्टिस्ट
RELATED ARTICLES

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...