Thursday, May 14, 2026
Home देहरादून गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी जीवन के 75 वें वर्ष (हीरक जयन्ती) रचनाकर्म...

गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी जीवन के 75 वें वर्ष (हीरक जयन्ती) रचनाकर्म को 50 वें वर्ष (स्वर्ण जयन्ती) में प्रवेश कर गए हैं।

गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी जीवन के 75 वें वर्ष (हीरक जयन्ती) रचनाकर्म को 50 वें वर्ष (स्वर्ण जयन्ती) में प्रवेश कर गए हैं।

@Dr. Nandkishor hatwal

← Back

Thank you for your response. ✨

इस अवसर पर नेगीजी को बधाई और शुभकामनाएं कि आपकी रचना यात्रा इसी उर्जा, इसी जनपक्षधरता और संवेदनशीलता के साथ आगे भी जारी रहे।

रेडियो से शुरू गीतयात्रा,
कैसेट-टेपरिकार्डर, सीडी और मंचों
यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम तक
किताबों, पत्र-पत्रिकाओं,
डिजिटल माध्यमों में पहुंच गए हैं
नेगी जी के गीत।

पूरी दुनिया में फैले हैं
बुद्धिजीवियों से श्रमजीवियों तक
गांव के किसान, पशुपालक, घसेरी-पंदेरी
बच्चे से बूढ़ों तक
सबके दिलों पर राज करते
चार पीढ़ियों तक फैले हैं
नेगी जी के गीत।
खैरि से लेकर खुशी के गीत
प्रेम और विद्रोह के गीत
जनगीत, राजनैतिक, सामाजिक चिंताओं के गीत

भ्रष्टाचार के खिलाफ
व्यवस्था को आयना दिखाते
पाखण्डों-ढकोसलों,
अंधविश्वासों-कुरीतियों पर चोट
प्रकृति-पर्यावरण, विकास, विनास,
सौन्दर्य, विद्रूप, दुख, दर्द, विरह, वेदना,
व्यथा, ममता, होली, दिवाली, नवरात्रे,
राजजात, बसन्त, बसग्याल, ह्यूंद,
स्त्री विमर्श, गंगा, हिमालय,
पालायन और प्रवर्जन
भांति-भांति विषयों के गीत

धागुला जेवर छणमणाते
रूमा-झूमा कौतीख जाते
प्रेम के अनगिनत रूप दिखाते
विविध रंगों में रंगे
नायक-नायिकाओं के गीत।

कठोर जीवन से संघर्ष करती
जीवट स्त्रियों के गीत
आन्दोलनकारी, भ्येलु पखाणु जाती
कभी सीला पाखु और कभी तैला घाम भटकती
सैरा बस्ग्याल बौंणु मा घूमती, क्वो ढूंगो नि पूजी और क्वो खैरि नि खायी, बाळा स्ये जा दू का अनुनय विनय करती, दिल्ली वाले द्यूर से, संवाद करती बौजी के गीत।

म्वोरि-म्वोरि कि मांड प्येल्या के बूढ़े
चली भै मोटर चली के डलैबर भैजी
ढेबरा-बाखरा हर्चि गैनि वाला पालसी दिदा
नयु-नयु ब्यो के बाद ब्योलि को
उकाळ का बाटा ले जाने को मजबूर ब्योला
दारू नि प्योनु मी हे राम राम रम्म, रम्म रम्म,
वाले समाज सुधारक और नेता भायी साब!
अर हाथन हुसकि पिलायी वाले वोटर भैजी के गीत।
कालजयी गीत, बेजोड़ संगीत से सजे
नरेन्द्र सिंह नेगी के गीत।

जीवन के 75 वें वर्ष (हीरक जयन्ती) और रचनाकर्म के 50 वें वर्ष (स्वर्ण जयन्ती)

RELATED ARTICLES

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...