हिमाचल से आया उत्तराखंड में पकड़ा गया महाघोटालेबाज डा० बवेजा ।।
उद्यान विभाग के पूर्व निदेशक डॉ एच. एस. बवेजा पर चार्ज सीट जारी हो गई है। डॉ० बवेजा ने राजनीतिक षड्यंत्र के तहत उत्तराखंड में उद्यान विभाग के निदेशक पद पर तैनाती पाई थी। वह इतनी गोलीबाज निकले कि लाखों की सेमिनार को करोड़ों में कर डाला, यही नहीं अनामिका नाम की एक फर्जी नर्सरी को करोड़ों का कारोबार दे दिया था। इसी गड़बड़ झाले को जब दीपक करगेती ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत पर्दाफाश किया तो सरकार के कान खड़े हो गए। इधर उच्च न्यायालय नैनीताल ने इस घोटाले पर सीबीआई जांच के आदेश दे दिए। लंबी जांच पड़ताल के बाद डा० बबेजा पर घोटाले के आरोप सिद्ध हो गए है और कभी भी डा० बवेजा जेल जा सकते है।
इस घटनाक्रम के खुलासे के मुख्य किरदार दीपक करगेती पर जानलेवा हमला भी हुआ। जबकि दीपक ने देहरादून स्थित गांधी पार्क के पास लंबे समय तक आमरण अनशन भी किया था। जब दीपक के आंदोलन को मीडिया ने प्रसारित किया तो सरकार ने भी इस बात को गंभीरता से लिया है तथा हाईकोर्ट नैनीताल ने सीबीआई जांच के आदेश दे दिए। अब सीबीआई की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। डा० बबेजा सहित लगभग दो दर्जन से अधिक लोगों पर चार्जशीट जारी होगी।
बता दें कि डा० बवेजा ने सरकार के आंखो में धूल झोंककर उद्यान विभाग के बजट को ठिकाने लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। यहां तक कि विभागीय मंत्री को भी डा० बवेजा अंधेरे में रखा है। करोड़ों का घोटाला करके खुद को पाक साफ बताने वाले बवेजा को आखिर सीबीआई ने दबोच लिया है।
उल्लेखनीय हो कि पूर्व निदेशक डा० बवेजा ने उद्यान विभाग में रहते 70 करोड़ से भी अधिक का घोटाला किया है। इस गड़बड़झाले में विभाग सहित अन्य एजेंसियों के 26 लोगो को आरोपित बनाया गया है। अब कभी भी इनकी गिरफ्तारी हो सकती है।
जब यह मामला सामने आया था तो सरकार ने उद्यान घोटाले पर एसआईटी बैठाकर बवेजा को पद से हटा दिया गया था। पूरा मामला तब सामने आया जब सीबीआई ने उद्यान घोटाले के पन्नो को खोलना आरंभ किया है। इस पूरे मामले में सामाजिक कार्यकर्ता दीपक कारगेती के संघर्ष को कम नही कहा जा सकता है।
दरअसल डा० बवेजा हिमाचल प्रदेश के Dr. Y.S. Parmar University of Horticulture and Forestry Nauni- Solan में मार्केटिंग बोर्ड व राज्य के हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट में बागवानी निदेशक कार्यरत थे। इस शख्स ने उत्तराखंड में राजनीतिक पहुंच बनाकर अपने को यहां स्थापित किया है। हिमाचल में रहते यह पहले से विवादो में रहे है। उत्तराखंड में जैसे डा० बवेजा ने उद्यान विभाग को ज्वाइन किया वैसे घोटालों की कहानी लिखनी आरंभ कर दी थी। यही नहीं इस शख्स ने सरकार और सरकार में बैठे मंत्रियों को भी अंधेरे में रखा है। बिना लाइसेंस के नर्सरीयो से लाखो पौधो के फर्जी बिल पास किए गए। सेमिनारो, कार्यशालाओ में बजट से कई गुना अधिक खर्च दिखाया गया है। ऐसे कई तमाम कार्यों को अंजाम दिया जिसकी न तो आवश्यकता थी और ना ही वे कार्य कहीं जमीन पर दिखे रहे है।
कौन है बवेजा :








