एक और बड़ी बात यह है कि इस नाटक की विषयवस्तु को आधार बनाकर मायानगरी मुम्बई के बड़े फिल्म निर्देशक दिनेश पी. भोंसले एक फिल्म ढोली भी विगत वर्ष बना चुके हैं। यह फिल्म प्रतिष्ठित कोलकाता इन्टरनैशनल फिल्म फैस्टिवल में सलैक्ट हो चुकी है। इस फिल्म का संगीत प्रसिद्ध गीतकार, संगीतकार व गायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने दिया है। फिल्म में स्टोरी लाईन का क्रेडिट डाॅ. नंद किशोर हटवाल को दिया गया है।

तर्क और मनोरंजन की कसौटी में खरे उतरने वाले इस नाटक को लगभग 192 पेज में समेटा गया है। पुस्तक के रूप में प्रकाशित होने जा रहे जमन दास ढोली की भूमिका डाॅ. राजेश पाल ने लिखी है जबकि इसका प्राक्कथन रंगकर्मी डाॅ. सुवर्ण रावत द्वारा लिखा गया है। यह पुस्तक लोक के नायक केशव अनुरागी को समर्पित की गई है। साथ ही पुस्तक में केशव अनुरागी के निमित लिखी गई मंगलेश डबराल की कविता भी शामिल है। नाटक में कुल पन्द्रह बड़े दृश्य हैं। जो कि अपने आप में एक-एक लघु नाटक हैं।
पुस्तक के अंत में मंचित किये गये नाटक के चित्रों को स्थान दिया गया है। सम्मति के रूप में गढ़रत्न नरेन्द्र सिंह नेगी, डाॅ. प्रीतम भरतवाण, प्रो. डी.आर. पुरोहित, प्रेम हिंदवाल, सतीश धौलाखंडी आदि के विचार पुस्तक में दिये गए हैं। कुल मिलाकर एक सौ बियानवे पेज की पुस्तक का मुल्य 250 रूपये रखा गया है। यह पुस्तक जल्द ही बाजार में होगी।







