Thursday, May 14, 2026
Home lifestyle नाटक मंचन : इंस्पेक्टर मातादीन नैनीताल में।

नाटक मंचन : इंस्पेक्टर मातादीन नैनीताल में।

इंस्पेक्टर मातादीन नैनीताल में

Dr. Batrohi

प्रख्यात सिने अभिनेता निर्मल पांडे के जन्मदिन 10 अगस्त, 2025 को नैनीताल के रंगकर्मियों ने मशहूर संस्था ‘प्रयोगांक’ के मंच पर हरिशंकर परसाई की कालजयी कहानी ‘इस्पैक्टर मातादीन चाँद पर’ का बेहद कलात्मक नाट्य-रूपांतरण किया. नैनीताल की बारिश-भीगी शाम बेहद खुशनुमा रही, खासकर इसलिए भी कि यह नाटक नैनीताल के हाल में निर्मित जगदीश लाल साह प्रेक्षागृह में प्रस्तुत किया गया.
परसाईजी की इस बेहद चर्चित कहानी का मुझसे जुड़ा किस्सा बहुत मजेदार है. 1994 में मैंने हिंदी की सम्पूर्ण कहानियों का दो खण्डों में ‘माइलस्टोन्स’ नाम से अंग्रेज़ी में एक संग्रह तैयार किया जिसके पहले खंड की दसवीं कहानी परसाईजी की है. कहानी के अनुवाद और प्रकाशन की अनुमति के लिए उन्हें लिखा तो थोड़ा विलम्ब से उनका पत्र मिला कि वो बीमार हैं और कहानियों की सूची पर वो इस वक़्त अपनी राय तो नहीं भेज सकते, लेकिन उन्होंने सहर्ष अपनी स्वीकृति भेज दी.

हिंदी कहानी के अमर हो चुके चरित्र इंस्पैक्टर मातादीन पूरे ब्रह्माण्ड का चक्कर लगाने के बाद हिंदी-संस्कृति की जो छाप चाँद पर फैलाकर अपना वर्चस्व स्थापित करते हैं, वह नई सभ्यता के सामने भारत का वह चरित्र है, जो सिर्फ इसी देश में देखने को मिलता है. एक मजेदार राजनीतिक व्यंग्य के रूप में उकेरी गई इस कहानी का नाटक के रूप में देखना सचमुच बेहद ऊर्जावान और परेशान करने वाला था. महान रचना की यही खासियत होती है कि वह स्थान, काल और परिवेश की सीमाओं को लाँघकर सदा प्रासंगिक और अपने सन्देश के प्रति लचीली बनी रहती है; उसका सम्बन्ध केवल मानवीय सरोकारों और सुख-दुखों के प्रति रहता है जिसका उम्र या वक़्त के गुजरने से कोई खास फर्क नहीं पड़ता. ये रचनाएँ हर पीढ़ी को समान भाव और प्रभाव के साथ अपनी ओर आकर्षित करती हैं और उन्हें अपने जलते सवालों के प्रभावशाली जवाब भी देती हैं. यही कारण है के वे शाश्वत और क्लासिक रचनाएँ होती हैं.

बहुत मंजे हुए निर्देशन के साथ मदन मेहरा ने कहानी के व्यंग्य और पीड़ा को अपने चरित्रों के माध्यम से कहलवाया. मूल कथा से कोई छेड़छाड़ किये बगैर कुछ सामयिक सन्दर्भ जोड़े हैं और नाटक हमारे दौर की प्रभावशाली त्रासदी के रूप में उभर आया है. जो अंश काटे या नए शामिल किये गए हैं, उनसे नाटकीय गति और सौन्दर्यबोध का कलात्मक विस्तार ही हुआ है.

सारे पात्र एकदम मंजे हुए और प्रोफेशनल लगते हैं, अपनी पीड़ा और सरोकारों को रचनात्मक संवेदना के साथ पूरे प्रभाव के साथ एकाकार करते हुए एकदम प्रौढ़ अभिनय की भंगिमा के साथ दर्शकों तक पहुँचाते है.
नैनीताल के अधिकांश कलाप्रेमी और सर्जक इस मौके पर उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...