https://youtu.be/HQn2pebe7H8?si=slFIkZJMswTpB_th
धराली आपदा : सर्च अभियान जारी, हेली सेवाओं से पहुंचाई जा रही है खाद सामग्री।
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धराली एवं हर्षिल आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी और गैरसरकारी संस्थानों निरन्तर राहत सामग्री भेजी जा रही हैं। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में सर्च अभियान भी लगातार जारी हैं। ताकि लापता लोगों की शिनाख्त हो सके कि आखिर इतने लोग आपदा ने लील लिए यह इससे और बड़ी दुर्घटना हुई है।
बता दे कि बीते 5 अगस्त को धराली गांव में आए एवलांच ने लोगो के सांसे रोक दी है। जिस कारण यहां आपदा प्रभावित क्षेत्र में जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है। इस दुख की घड़ी में शासन–प्रशासन से लेकर सिविल सोसाइटी के लोग पीड़ितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहे है।

इधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ितों को ढांढस बंधाया था। जबकि जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य भी 5 अगस्त से मौके पर ही तैनात हैं।
हेली सेवा के द्वारा निरन्तर राहत और खाद्यान्न सामग्री हर्षिल पहुंचाई जा रही है। जिनका पीड़ित परिवारों को निरन्तर वितरण भी जारी है। प्राप्त सूचनानुसार 7674 किलोग्राम (चावल, आटा, दाल, चीनी, नमक, मसाला), 446 लीटर रसोई तेल, 197 लीटर दूध , 286 खाद्यान्न पैकेट, 1646 पैकेट एनर्जी पैकेट, 50 टेंट (2 मेन), 10 टेंट (10 मेन), 1200 गमबूट/चप्पल, 80 कंबल, 200 गद्दे, 700 ट्रैकसूट, 200 सेट किचन बर्तन, 200 पेटी पानी, 80 बाल्टी/मग, 196 पेटी हाइजीन सामग्री, 16.69 कुंतल फल–सब्जियां, 13 पेटी बिस्कुट/चॉकलेट, 400 इमरजेंसी लाइट, 1562 लीटर डीजल आदि सामग्री भेजी गई है। इनके अतिरिक्त 2 जेनरेटर, वायरक्रेट, बोट आदि को भी हेलीकॉप्टर के माध्यम से भेजा गया है। प्राथमिक चिकित्सा किट और आवश्यक दवाइयाँ व अन्य राहत सामग्री भी त्वरित रूप भेजी गई है।

प्रभावित क्षेत्र में भेजी जा रही राहत सामग्री का वितरण प्रशासन द्वारा घर–घर जाकर लगातार जारी है, वितरण प्रक्रिया की निगरानी स्वयं जिलाधिकारी प्रशांत आर्य कर रहे है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सामग्री जरूरतमंदों तक पहुंचाई जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि मा. मुख्यमंत्री जी के निर्देश है कि पीड़ितों के लिए हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाए ताकि प्रभावित लोगों को समय रहते सहायता मिल सके। हमारी प्राथमिकता है कि किसी को भी भोजन, चिकित्सा या आवास की कमी न हो। प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्य पूरी तत्परता से चलाए जा रहे हैं।







