सरकार, प्रशासन, निजी संगठन, सेना, लोग सब अपने स्तर से सब कुछ झोंक कर काम कर रहे हैं लेकिन लगातार खराब मौसम बेहद विपरित परिस्थितियां साथ नहीं दे रही है। लेकिन, धराली में जैसी आपदा आई हर कोई इस बात को स्वीकार कर रहा है कि धराली ने बेतरतीब ढंग से विस्तार लिया, नदी के बाढ़ क्षेत्र को घेर दिया और होटल, ढाबे, दुकानें, बगीचे बनाए। अब नदी ने अपना पुराना बाढ़ क्षेत्र वापस ले लिया। इन दिनों इस मामले पर हर कोई चिंता जता रहा है। सबको लग रहा है कि कुदरत को हल्के में नहीं लेना चाहिए, लेकिन यह पहली बार नहीं है।