Friday, March 6, 2026
Home crime मुख्यमंत्री सोए रहो, सामने है उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग के कारनामे।

मुख्यमंत्री सोए रहो, सामने है उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग के कारनामे।

By – Charu tiwari

उत्तराखंड इन दिनों फिर उबल रहा है। राज्य में एक ऐसा मुख्यमंत्री है, जो दिल्ली में बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और अमित साह का खासमखास है। मोदी जब भी आते हैं, इनके कंधे पर हाथ रखकर इनकी नाकामी और नासमझी को प्रमाण पत्र देते रहते हैं। मुख्यमंत्री जब कोई खडंजे या हैंडपंप का उद्घाटन करने जाते हैं तो उसका श्रेय भी मोदी जी को देते हैं। एक हारे हुए विधायक के मुख्यमंत्री बनने का इससे ज्यादा और क्या हो सकता है। पुष्कर सिंह धामी जनविरोधी सत्ता का सबसे बड़ा चेहरा हैं। जो प्रधानमंत्री अपनी डिग्री के बारे झूठ बोलता हो, जो गृहमंत्री ‘बारहवीं के बाद इंटर’ करता हो, उनका चेला कैसे पहाड के युवाओं के दर्द को समझ सकता है। वह कैसे अंकिता और पिथौरागढ़ की बच्ची की सिसकियां सुन सकता है!

देहरादून, हल्द्वानी, पिथौरागढ़ और राज्य के विभिन्न हिस्सों में लोग पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ सड़कों पर हैं। जो युवा अपने उज्जवल भविष्य के सपने देख रहे थे, उन पर धामी के ‘हाकमों’ ने अपनी काली करतूतों से निराशा का आकाश खड़ा कर दिया है। सत्ता पोषित इन दलालों ने यहां के अस्तित्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इन दिनों उत्तराखंड अधीनस्थ आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर बेरोजगार आंदोलन कर रहे हैं, वह बताता है कि यह सरकार कितनी संवेदनहीन और नाकारा है कि वह सडक पर रात-रात भर सो रहे युवाओं के प्रति कितनी क्रूर है। बजाए युवाओं के मर्म को समझने के वह इस तलाश में कैसे इनकी गर्दन दबोच दे। वह अपने पूरे प्रशासनिक और पुलिस अमले को इस बात को साबित करने में लगा रही है कि पेपर लीक नहीं, बल्कि एक सेंटर में नकल हुई है। अपने को विश्वगुरु और दुनिया का सबसे बडा नेता बताने वालों का चेला एक परीक्षा तक नहीं करा पा रहा है। बेशर्मी इतनी कि मोदीजी के मूर्खतापूर्ण जीएसटी में ढील की घोषणा को उत्सव मनाया जा रहा है। जब युवा हल्द्वानी की सड़कों पर थे तो नैनीताल के सांसद मोदी के झूठ को व्यापारियों की जीत के रूप में प्रचारित करने के लिए बाजार-बाजार घूम रहे थे।

अभी देहरादून की सड़कों पर युवाओं को जो जन सैलाब है, वह बताता है कि मोदी का ‘यह सदी उत्तराखंड की होगी’ का नारा झूठ, फरेब, धूर्तता, बेशर्मी और राजनीतिक कपट से भरा है। यह राज्य बना ही इसलिए था कि युवाओं को रोजगार मिले। उनका भविष्य सुरक्षित हो। इनकी पुरानी पीढ़ी इसी सपने के लिए सड़कों पर उतरी थी। दुर्भाग्य से जिनके लिए आंदोलनकारियों ने अपना बलिदान दिया, उन्हें भी अब सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। जिस तरह का व्यवहार यहां के नागरिकों के साथ किया जा रहा है, ऐसा तो उत्तर प्रदेश के समय में भी नहीं था।

पटवारी से लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय और निवास तक अलग-अलग किस्म के लोगों का अड्डा बन गया है। युवा की नौकरियों को लीलने के ‘हाकम’ हैं और मुख्यमंत्री जनता के पसीने की कमाई को तथाकथित दर्जाधारी और अपने सलाहकारों पर खर्च कर रही है। उन्हें गाड़ी, ड्राइवर, आफिस, वेतन, वीआईपी प्रोटोकॉल मुहैया करा रही है। दिल्ली से लेकर गांव तक इस तरह के ‘लाइजनरों’ की बड़ी फौज खड़ी कर दी है। हमारे युवा जब इन बेइमानियों की बात कर रहे हैं तो उन्हें पुलिस के पहरे में धमकाया जा रहा है। उनके खिलाफ मामले बनाने का दुष्चक्र रचा जा रहा है। इस बीच सरकार ने इस तरह की आवाजों को दबाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनके उच्चाधिकारी इतनी बेशर्मी पर उतर आये हैं कि वह ऐसे चालीस-पचास वर्ष के युवाओं के ज्ञापन ले रही है, जो कह रहे हैं कि परीक्षाओं में कोई धांधली नहीं हुई है।

कितने बदमाश हैं कि कल आंदोलनकारी युवाओं ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर बताया है कि हरिद्वार से तथाकथित युवाओं को गाड़ियों में भरकर देहरादून ला रहे हैं। एक तरह से वह युवाओं को युवाओं से लड़वाने का षड्यंत्र भी रच रहे हैं। इस सरकार में इतनी शर्म भी नहीं बची है कि वह यह कह सके कि हम युवाओं को रोजगार देने के लिए सही तरह से परीक्षा करवाने में नाकाम रहे हैं। इस मामले में सही जांच होनी चाहिए। जिस केंद्र से यह पर्चा लीक हुआ है, वह भी भाजपा के पदाधिकारी है। युवाओं की इस बात को माना जाना चाहिए कि इसकी जांच सीबीआई से हो।

फिलहाल हम सब युवाओं की आवाज के साथ हैं।

@लेखक वरिष्ठ पत्रकार है

RELATED ARTICLES

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

होली विशेषांक : खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर।

- खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर। - दून पुस्तकालय में संगीताजंलि की शानदार होली प्रस्तुति दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के एम्फीथियेटर में आज संगीतांजली शास्त्रीय...

बर्लोगंज एंड बियोंड पुस्तक का लोकार्पण

पुस्तक : बर्लोगंज एंड बियोंड   By - Dr. Yogesh dhasmana   देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो बी के जोशी के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक बर्लोगंज एंड बियोंड...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

धराली आपदा : वैज्ञानिकों ने किया खुलासा, एक बड़े ग्लेशियर के टुकड़े के टूटने से हुई तबाही।

न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… वैज्ञानिक अध्ययन में खुलासा: श्रीकांता ग्लेशियर से बर्फ का बड़ा हिस्सा गिरने से हुआ था धराली हादसा। ....................... 5 अगस्त...

2017 तक स्टार्टअप की संख्या थी शून्य। वर्ष 2025 में बढ़कर हुई 1750

- 2024-25 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) ₹ 3,81,889 करोड़ का रहा - 2021-22 के मुकाबले जीएसडीपी में आया डेढ़ गुना से ज्यादा...

एक साधारण व्यक्ति में असाधारण व्यक्तित्व की जीवन्त जीवन जीने की शब्द-यात्रा है – BARLOWGANJ AND BEYOND

- साधारण व्यक्ति का असाधारण व्यक्तित्व : प्रो. बी. के. जोशी। - प्रो. बी. के. जोशी जी के जीवनीय आत्म-संस्मरणों पर केन्द्रित पुस्तक 'BARLOWGANJ...

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान

विकास के नए आयाम स्थापित करती ग्राम पंचायत भगवन्तपुर की ग्राम प्रधान   By - Harishankar saini   कभी गड्ढों, कीचड़ और टूटे किनारों से जूझती सलान गाँव...

होली विशेषांक : खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर।

- खोलो किवाड़ चलो मठ भीतर। - दून पुस्तकालय में संगीताजंलि की शानदार होली प्रस्तुति दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के एम्फीथियेटर में आज संगीतांजली शास्त्रीय...

बर्लोगंज एंड बियोंड पुस्तक का लोकार्पण

पुस्तक : बर्लोगंज एंड बियोंड   By - Dr. Yogesh dhasmana   देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो बी के जोशी के संस्मरणों पर आधारित पुस्तक बर्लोगंज एंड बियोंड...

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में।

विज्ञान दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में। By - Neeraj Uttarakhandi पुरोला विकासखंड के अंतर्गत राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चन्देली में राष्ट्रीय...

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी।

स्पैक्स संस्था ने होली के प्राकृतिक रंगों पर दून पुस्तकालय में बच्चों को दी जानकारी। .......... दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में ‘स्पेक्स’ संस्था के सहयोग...

जनगणना की पूरी तैयारी, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी जनगणना

जनगणना-2027 की डिजिटल तैयारियां शुरू, देहरादून में 25-27 फरवरी तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू चार्ज अधिकारियों से लेकर सेन्सस क्लर्क तक, सभी ले रहे डिजिटल...

एक स्वस्थ परंपरा है स्कूल ऑफ थॉट्स – प्रो० पंवार

स्कूल ऑफ थॉट्स, श्रीनगर (गढ़वाल), भारतीय-हिमालयी ज्ञान परंपरा,  मुख्य वक्ता- प्रो. मोहन पंवार। भारतीय : हिमालय ज्ञान परंपरा पर अपनी बात शुरू करते हुए मुख्य...