Thursday, May 14, 2026
Home lifestyle उत्तराखंड की एक विस्मृत अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा "आयरिन पंत"

उत्तराखंड की एक विस्मृत अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा “आयरिन पंत”

उत्तराखंड की एक विस्मृत अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा “आयरिन पंत”

By – Dr. Yogesh dhasmana

उत्तराखंड के प्रथम स्नातक रायबहादुर केसवानंद ममगाई (1876 में प्रथम उत्तराखंडी स्नातक) व उनकी पत्नी चंद्रमुखी बोस ममगाई, प्रथम स्नातक एवं प्रथम गढ़वाली युवती माधुरी ममगाई (1922) के बाद अल्मोड़ा की आयरिन पंत जिनका जन्म 1905 में अल्मोड़ा के एक संभ्रांत परिवार में हुआ था। वह पाकिस्तान की प्रथम महिला फर्स्ट लेडी भी रही I

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लियाकत अली खान से लखनऊ में उन्होंने प्रेम विवाह के बाद 1945 में आयरलैंड, जिनेवा, इटली आदि अनेक स्थानों पर पाकिस्तान की राजदूत रही I कराची विश्वविद्यालय की प्रथम महिला कुलपति भी रही I

1978 में संयुक्त राष्ट्र संघ में पाकिस्तान की ओर से मानवाधिकार संगठन की प्रवक्ता भी बनी I दुर्भाग्यवश केसवानंद की तरह ईसाई धर्म अपनाने के कारण आयरिन पंत को वह स्थान नहीं मिल सका जिसकी वे स्वाभाविक हकदार थी I

उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाली आयरिन पंत को बाद में बेगम राणा के नाम से पाकिस्तान में जाना गया। उन्हें मादरे वतन की उपाधि से भी नवाजा गया था। वह पाकिस्तान की प्रथम महिला राज्यपाल भी नियुक्त हुई थी।

खुले विचारों के कारण वह रंगमंच से भी जुड़ी रही और उन्होंने पाकिस्तान के अंदर मानवाधिकार और विशेषकर महिलाओं की स्वतंत्रता के लिए अनेक बार संघर्ष भी किया I इन्हीं विशेषताओं के चलते जुल्फिकार अली भुट्टो ने भी उन्हें अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया था I दुर्भाग्यवश 1990 में उनकी मृत्यु के बाद उनके आगे की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी थी I तारा दत्त पंत ने 1887 में ईसाई धर्म अपनाने के बाद उनके पुत्र डेनियल पंत भी रंगमंच के क्षेत्र में अग्रणी व्यक्ति रहे और उनकी पुत्री आयरिन पंत ने भी रंगमंच के क्षेत्र में खूब प्रसिद्धि प्राप्त की I

RELATED ARTICLES

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

यात्रा संस्मरण : जब यायावर डॉ० अरुण कुकसाल मिले जखोली की डॉ० आशा से।

जीवन के आघातों से जूझकर हासिल की कामयाबी-डा. आशा। Dr. Arun kuksal श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, मयाली से होकर जखोली पहुँचा हूँ। ‘जखोली (समुद्रतल से ऊँचाई लगभग...

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम

फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक स्टेम लैब का उद्घाटन, विज्ञान एवं नवाचार को मिलेगा नया आयाम। स्पार्क टेक्नोलॉजीज , स्पेक्स एवं...

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन

शास्त्रीय और उप-शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन।   By - Prem Pancholi ।।13 मई, 2026 ,देहरादन।। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में भारत के लोक सेवा प्रसारक...

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ की एक और कृति पाठकों के बीच

कथाकार राम प्रकाश अग्रवाल ‘कण’ के कथा संग्रह ‘मां जिसकी गोद में सभ्यताएं पलीं’ का लोकार्पण दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र देहरादून के सभागार...

ट्राइकोग्रामा एक उत्तम प्राकृतिक खेती की तकनीकी। पढ़े पूरी रिपोर्ट

ट्राइकोग्रामा एक सूक्ष्म परजीवी ततैया है जो हानिकारक कीड़ों के अंडों पर हमला करता है। यह लगभग 200 प्रकार के नुकसानदायक कीटों के अंडों...

स्मृति शेष : बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान

बलदेव सिंह आर्य -उत्तराखंड में शिल्पकार पहचान   By - Vinod Arya   सामाजिक न्याय, शिल्पकार चेतना और समानता के महान अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य जी (12 मई...

वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश अग्रवाल कण की पुस्तक का लोकार्पण।

पुस्तक लोकार्पण "मॉं जिसके गोद में सभ्यताएं पलीं" लेखक - राम प्रकाश अग्रवाल कण, प्रकाशन - समय साक्ष्य (देहरादून)   By - Neeraj Naithani ।।   लैंसडाउन चौक स्थित...

तुलसी माला को लेकर क्यों विरोध कर रहे हैं बद्रीनाथवासी? पढ़े पूरी रिपोर्ट

By - Sanjana bhagwat   बद्रीनाथ धाम में तुलसी माला को लेकर बामणी गांव के लोगों द्वारा किया जा रहा विरोध केवल एक व्यापारिक विषय नहीं,...

12 मई विशेषांक : शिल्पकारों के उत्थान के लिए लड़ते रहे बलदेव सिंह आर्य।

‘जातीय जड़ता जाने का जश्न मनायें’। उत्तराखण्ड के शिल्पकार वर्ग में सामाजिक-शैक्षिक चेतना के अग्रदूत बलदेव सिंह आर्य (12 मई, 1912 से 22 दिसम्बर, 1992)...

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह : उफ्तारा

अक्टूबर में होगा फिल्म पुरुस्कार समारोह। फिल्म परिषद का कार्यालय शीघ्र। सी.ई.ओ. बंशीधर तिवारी का उफतारा ने जताया आभार। दूरदर्शन और संस्कृति विभाग को...