Sunday, September 13, 2026
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उत्तरकाशी धराली आपदा : राज्य सरकार और अन्य सहयोगी विभाग अलर्ट, राहत और बचाव के कार्य में जुटी सरकार

उत्तरकाशी के तहसील भटवाड़ी, थाना हर्षिल के अंतर्गत खीर गाढ़ में आज अपराह्न लगभग 1.50 बजे बादल फटने के कारण अत्यधिक जलस्तर बढ़ने से धराली बाजार क्षेत्र में भारी मलबा आया जिससे कई भवनों, होटल एवं दुकानें क्षतिग्रस्त हुई। सूचना मिलने पर त्वरित प्रतिक्रिया करते हुए एस.डी.आर.एफ, अग्निशमन विभाग, सेना तथा स्थानीय प्रशासन/पुलिस व अन्य बचाव दलों द्वारा राहत और बचाव कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं।

खोज, बचाव एवं राहत कार्यों में सहायता के लिए एस.डी.आर.एफ/एन.डी.आर.एफ/आर्मी/आई.टी.बी.पी/पुलिस के अतिरिक्त बलों को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी धराली के लिए तुरंत रवाना हुए। उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से घटनास्थल 80 किलोमीटर दूर है। निकटतम चिकित्सालय 05 किमी, जिला चिकित्सालय 88 किमी तथा एम्स देहरादून 246 किमी दूर है।

इस बीच वायु सहायता के लिए एयरफोर्स से भी सम्पर्क किया गया है। निकटवर्ती राजकीय चिकित्सालयों व एम्स, देहरादून में भी बेड आरक्षित कर दिए गये हैं एवं पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस को क्रियाशील किया गया है। खतरे को देखते हुए स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजे जाने की कार्यवाही की जा रही है।

प्रभारी मुख्य सचिव श्री आर.के. सुधांशु ने प्रधानमंत्री कार्यालय तथा गृह मंत्रालय को घटना के संबंध में जानकारी दे दी है। श्री आर.के. सुधांशु ने बताया कि केंद्र सरकार ने राहत और बचाव कार्यों में हरसंभव मद्द का आश्वासन दिया है। केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारीगणों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, एस.ई.ओ.सी देहरादून को घटना की सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन तथा जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए त्वरित राहत और बचाव कार्य संचालित किए गए।

घटना की जानकारी मिलते ही प्रभारी मुख्य सचिव श्री आर.के. सुधांशु, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, सचिव गृह श्री शैलेश बगौली, आयुक्त गढ़वाल श्री विनय शंकर पांडे, एडीजी श्री ए.पी अंशुमान तथा आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, आईजी एसडीआरएफ श्री अरुण मोहन जोशी के साथ ही अन्य अधिकारियों ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली।

सभी अधिकारीगण वर्तमान में एस.ई.ओ.सी में उपस्थित हैं और लगातार राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
अधिकारीगणों ने धराली के आस पास अस्पतालों, हेलीपैड, राहत शिविरों तथा आर्मी, आईटीबीपी, एन.डी.आर.एफ, एस.डी.आर.एफ की जानकारी लेते हुए आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त राहत और बचाव दलों को रवाना किया।

हर्षिल पीएचसी, भटवाड़ी पीएचसी, जिला अस्पताल उत्तरकाशी में घायलों के उपचार के लिए सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं। एम्स ऋषिकेश और दून अस्पताल में भी अतिरिक्त बेड रिजर्व कर दिए गए हैं। एन.डी.आर.एफ के 50 जवान दिल्ली से भेजे गए हैं। 15 जवान देहरादून से रवाना किए गए हैं। एस.डी.आर.एफ के 30 जवान गंगोत्री से रवाना किए गए हैं, जबकि 45 जवान देहरादून से भेजे गए हैं। आई.टी.बी.पी के 30 जवानों को राहत और बचाव कार्यों के लिए भेजा गया है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से 02 एम.आई हेलीकॉप्टर तथा 01 चिनूक हेलीकॉप्टर के लिए वायु सेना को अनुरोध पत्र भेज दिया गया है। यूकाडा के 02 हेलीकॉप्टर भी राहत और बचाव कार्यों के लिए भेजे जाने हेतु तैयार हैं। मौसम अनुकूल होने पर वायु सहायता पहुंचाई जाएगी। सड़कों को खोलने के लिए सभी आवश्यक संसाधन भेजे गए हैं। जहां-जहां भी सड़क मार्ग बाधित हैं, उन्हें जल्द से जल्द खोलने के निर्देश राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से दिए गए हैं।

मार्ग बाधित होने तथा मौसम खराब होने के कारण राहत और बचाव दलों को घटनास्थल पर पहुंचने में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मार्गों को खोलने की कार्यवाही गतिमान है। मौसम के अनुकूल होते ही, राहत और बचाव दल हवाई तथा सड़क मार्ग से घटनास्थल पर पहुंच जाएंगे।

एस.डी.आर.एफ ने घटनास्थल के लिए विक्टिम लोकेशन कैमरा, थर्मल इमेजिंग कैमरा, आर.आर शॉ, डायमंड चेन शॉ, कर्बाइड टिप्ड चेन शॉ, चिपिंग हैमर, ड्रोन, पैलिकन लाइट, ड्रैगन लाइट, मेडिकल संसाधन रवाना कर दिए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से जिलाधिकारी तथा एसएसपी के साथ लगातार सम्पर्क बना हुआ है।

जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र, उत्तरकाशी में स्थापित हेल्पलाईन नम्बर 01374.222722, 7310913129, 7500737269 टॉल फ्री नं0-1077, ई0आर0एस0एस0 टॉल फ्री नं0-112 जारी किया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र, देहरादून में स्थापित हेल्पलाईन नम्बर 0135.2710334, 2710335, 8218867005, 9058441404 टॉल फ्री नं0-1070, ई0आर0एस0एस0 टॉल फ्री नं0-112 जारी किया गया है।

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