Sunday, September 13, 2026
Home उत्तरकाशी नगर निकाय बड़कोट : छः भाजपाईयों के सामने एक कांग्रेसी और एक...

नगर निकाय बड़कोट : छः भाजपाईयों के सामने एक कांग्रेसी और एक निर्दलीय

छः भाजपाईयों के सामने एक कांग्रेसी और एक निर्दलीय।

चुनाव के दौरान अलग अलग अनुभव सामने आते है। आज मैं ऐसे स्थान के चुनाव के बारे में बताने जा रहा हूं जहां कभी चुनावी मैदान के लिए राजनतिक दलो को एक दूसरे के प्रतिद्वन्दी ढूंढने पड़ते थे। जी हां। सीमान्त जनपद उत्तरकाशी के बडकोट नगरपालिका परिषद के चुनाव के परिणाम जो भी आये मगर चुनाव से पहले क्या क्या हो रहा है आप मेरे साथ देख सकते है।

कभी यमुना घाटी स्थित बड़कोट नगर पालिका एक मात्र नगर निकाय हुआ करती थी। आज इसी सहित तीन हो गई है। मौजूदा वक्त के चुनाव में बड़कोट नगर पालिका परिषद में आठ प्रत्याशी मैदान में है। हालात इस कदर है कि अधिकांश प्रत्याशी भाजपा से नाराज होकर चुनाव मैदान में कूद पड़े है। जबकि भाजपा से ही बगावत करके एक ऐसा उम्मीदवार डा० कपिलदेव रावत ने निर्दलीय के रूप पर्चा भर दिया था। मगर उनका पर्चा त्रुटिवश निर्वाचन अधिकारी ने रद्द कर दिया, अब उनके समर्थन का जो एक बड़ा समूह है, उन पर भीतरघात करने का आरोप लगाया जा रहा है। इधर कांग्रेस के प्रत्याशी किसी भीतरघात के शिकार नहीं है। बताया जा रहा है कि आठ प्रत्याशियों में से छः भाजपा से टूटकर चुनाव मैदान में उत्तर आए है, एक भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी है। इस तरह यदि देखा जाय तो भाजपा के वोट यहां बंटते नजर आ रहे है। भीतरघात का भी खतरा भाजपा के प्रत्याशी के ऊपर ही मंडरा रहा है। क्योंकि भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी को भाजपा से बगावत करके आए अन्य प्रत्याशी पैराशूट प्रत्याशी का आरोप लगा रहे है।

हालांकि ऐसा बताया जा रहा है कि भाजपा के क्षत्रपों ने बड़कोट में आकर डैमेज कंट्रोल कर दिया है। इधर आम लोगों में कानाफूसी हो रही है कि भाजपा के झगड़े का खतरा अतोल रावत ने भाजपा का प्रत्याशी बनाकर क्यों मोल लिया होगा? कुछ लोगों का कहना है कि भाजपा के झगड़े का फायदा कांग्रेस को नहीं बल्कि किसी तीसरे को होने वाला है। यह भी चर्चा है कि निर्दलीय प्रत्याशी विनोद डोभाल उर्फ कुतरू ने अपने जोड़ तोड़ की राजनीति आरंभ कर दी है। विनोद डोभाल कोई ख़ांटी राजनीतिक कार्यकर्ता तो नहीं, पर वे क्षेत्र में एक सामाजिक कार्यकर्ता की हैसीयत रखते है। श्री डोभाल ने राजनीतिक दलों से छिटके हुए कार्यकर्ताओं, जो दल इस बार यहां चुनाव में नहीं है उन्हें साधना सहित युवाओं को अपने पक्ष में करने के कई कार्यक्रम आरंभ कर दिए है। इस तरह बड़कोट नगर पालिका परिषद में पहली बार जोड़तोड़ की राजनीति सामने आ रही है। अन्य निर्दलीय प्रत्याशी भी किसी से कम नहीं है वे सभी अपने अपने कुनबों के बलबूते नगर पालिका परिषद को एक नया रूप देने की वकालत कर रहे है। कुलमिलाकर 10 हजार 800 मतदाताओं वाली नगर पालिका परिषद बड़कोट के अध्यक्ष के चुनाव में जीत का कोई बड़ा आंकड़ा सामने नहीं रहेगा। माना कि प्रत्येक प्रत्याशी को व्यक्तिगत छबि के कारण यदि पांच पांच सौ मतदान मिल जाए तो इस तरह 4 हजार मतदान आठ प्रत्याशियों की झोली में चला जाएगा। शेष मतदान यानी लगभग 2 हजार या 2500 जो होगा उसमें ही जीत हार की गणित बताई जा सकती है।

उल्लेखनीय हो कि भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी अतोल रावत कई सालों तक कांग्रेस के खेवनहार रहे है। वे छात्रसंघ अध्यक्ष रहे है और पूर्व में नगर पालिका परिषद बड़कोट के चेयरमैन भी रहे है। यही नहीं उन्होंने लंबे समय तक मुख्यधारा की पत्रकारिता की है। अर्थात कह सकते है कि अतोल रावत मंझे हुए राजनीतिक खिलाड़ी है। अलावा इसके उनके पास मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के कई कारण भी है।

छात्रसंघ अध्यक्ष रहे और कांग्रेस में विभिन्न पदों पर कार्य करने का विजयपाल रावत अच्छा खास अनुभव है। इसके अलावा विजयपाल रावत ने वर्धा में गांधी विचार की शिक्षा ली है। गढ़वाल मंडल विकास निगम के सदस्य रहे है। यानी विजयपाल रावत को राजनीति की शिक्षा छात्र जीवन से मिल गई थी। विजयपाल रावत ताल ठोककर कह रहे हैं कि बड़कोट की जनता बदलाव चाहती है। इसलिए वे इस चुनाव को बड़कोट की जनता के सहयोग से और कांग्रेसजनों की मदद से फतह करने जा रहे है।
निर्दलीय प्रत्याशी विनोद डोभाल क्षेत्र के जानेमाने युवा उद्यमी है। कई सालों से वे स्थानीय स्तर पर गरीब, असहाय और जरूरतमंदों की मदद करते आए है। बड़कोट में उनके परिवार को पूर्व से ही एक प्रतिष्ठित परिवार माना जाता है। जबकि उनके बड़े भाई संजय डोभाल भी वर्तमान में यमनोत्री से निर्दलीय विधायक है। विनोद ऊर्फ कुतरू आम लोगों के मध्य बेहद लोकप्रिय है। विनोद का कहना है कि वह इस बार चुनाव जीत रहे हैं। क्योंकि इस बार का चुनाव बड़कोट में दलगत से ऊपर उठकर हो रहा है।

छात्रसंघ अध्यक्ष रहे और पिछले 20 सालो से अधिक समय से सुनील थपलियाल बड़कोट क्षेत्र में पत्रकार के रूप में कार्य कर रहे है। उनके पास बड़कोट को आदर्श नगर बनाने का एक खास प्रकार का ब्लूप्रिंट है। वे बड़कोट क्षेत्र की जनता की समस्या से अक्षरशः ज्ञात है। इसलिए वे घर घर जाकर मतदाताओं को बड़कोट की दुर्दशा से वाकिफ करवा रहे है। श्री थपलियाल भी बड़कोट में कोई नया चेहरा नहीं है। इसलिए उनका प्रबल विश्वास है कि इस बार उनकी जीत पक्की है। वे कहते है कि यदि बड़कोट की जनता ने उनके हाथ मजबूत कर दिए तो वे पूर्व के घोटालों का पर्दाफाश करेंगे और घोटालेबाज पर आवश्यक कार्रवाई करवाएंगे।

राजाराम जागूड़ी बड़कोट नगर के पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष है। श्री जगूड़ी बड़कोट व्यापार मंडल के 14 सालो तक अध्यक्ष रहे है। उनके पास बड़कोट नगर के विकास और समस्याओं की अच्छी खासी जानकारी है। वैसे भी राजाराम जगूड़ी बड़कोट में एक व्यवस्थित व्यापारी है। श्री जगूड़ी भी लंबे समय तक भाजपा के कार्यकर्ता रहे है। टिकट न मिलने के कारण निर्दलीय चुनाव मैदान में है।

निर्दलीय सोबन राणा बड़कोट नगर के वर्तमान में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष है। सेना से सेवानिवृती के बाद वे भाजपा के कार्यकर्ता बन गए। भाजपा के बैनर पर श्री राणा ने क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों में खूब हिस्सा लिया है। वे कहते हैं कि उनके पक्ष में सेवानिवृत सैनिक तो है ही साथ में क्षेत्र के लोग उन पर इसलिए विश्वास कर रहे है कि उनकी साफ सुथरी छबि है।

निर्दलीय प्रत्याशी अजय रावत कभी भाजपा का सक्रिय कार्यकर्ता रहे है। भाजपा के मार्फत उनकी क्षेत्र में एक विश्वसनीय छबि है। उन्हें जब भाजपा का टिकट नहीं मिला तो अपने किए कार्यों के बलबूते निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर आए।

छटांगा गांव के पूरन सिंह रावत अपने पूर्व के सामाजिक कार्यों के बलबूते इस बार चुनाव मैदान में है। श्री रावत के पास नगर पालिका बड़कोट की खास जानकारी है। उन्हें लोग घर घर पहचानते है। अपनी इस पहचान को देखते हुए चुनाव मैदान में आ गए है।

अब देखना यह होगा कि यह चुनाव किस ओर कड़बट लेने वाला है। भाजपा के झगड़े का फायदा कांग्रेसजन उठाते है कि निर्दलीय इसका फायदा उठाने में सफल होते है। अथवा भाजपा डैमेज कंट्रोल करके अपने कैडर मतों का भरपूर उपयोग कर पाती है। जो भी हो चुनाव की इस नाव को किनारे में लगाने का कार्य मतदाता ही कर पाएगा।

RELATED ARTICLES

झीलें कुछ समय के लिए दिखाई देती हैं, स्वतः समाप्त हो जाती हैं।

गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में दिखाई देने वाली छोटी हिमनदीय झीलों से तत्काल बड़े खतरे की स्थिति नहीं-वाडिया मीडिया में प्रसारित खबरों के संबंध में यूएसडीएमए...

मस्तानी अलमस्त शराबी बैठी अपने खाने में

"मस्तानी अलमस्त" शराबी बैठी अपने खाने में। Govind P. Bahuguna कवि मोलाराम मुसब्बर खैंची यह तस्वीर रिझाने में"-GPB चित्रकला के इतिहास में गढ़वाल का नाम दर्ज करवाने...

गुणवत्ता और पारदर्शिता से पूरे हों पंचायतों के विकास कार्य-जोत सिंह बिष्ट

गुणवत्ता और पारदर्शिता से पूरे हों पंचायतों के विकास कार्य-जोत सिंह बिष्ट Harish Thapliyal   ।। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरडब्ल्यूडी) के उपाध्यक्ष उत्तराखंड सरकार जोत सिंह बिष्ट...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Latest Post

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान : सरकार

हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति चेतावनी-सूचना से लेकर खोज-बचाव तक की...

हवाई यात्रा का एक खास अनुभव साझा कर रहे है संयुक्त निदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग डॉ० नितिन उपाध्याय

By - Dr. Nitin upadhyay अगर आप कनेक्टिंग फ्लाइट्स पकड़ते हैं और हब एंड स्पोक्स मॉडल नहीं जानते तो ये पोस्ट आपके लिए है। बनारस...

कॉन्क्लेव की सहभागिता से राज्य में फिल्म निर्माण के साथ फिल्म टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा – श्री चौहान

चेन्नई में आयोजित ‘इंडिया इंटरनेशनल फिल्म टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्तराखंड फिल्म नीति की हुई सराहना तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने दिखाई उत्तराखण्ड में फिल्मांकन...

सरस्वती ताल और केदारताल का होगा वैज्ञानिक सर्वे, वैज्ञानिको का दल रवाना

सरस्वती ताल और केदारताल के लिए दल रवाना सचिव आपदा प्रबंधन ने दिखाई हरी झंडी मुख्यमंत्री तथा आपदा प्रबंधन मंत्री ने दी शुभकामनाएं प्रदेश...

जल प्रबंधन को मिलेगा आधुनिक तकनीक का वैज्ञानिक आधार – MIKE Hydro Basin सॉफ्टवेयर

जल संसाधन प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का नया अध्याय—MIKE Hydro Basin पर राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ देशभर से 400 से अधिक विशेषज्ञ,...

डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पॉप कल्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

डिजिटल युग में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और पॉप कल्चर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ https://www.facebook.com/janmanchaajkal?locale=hi_IN हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय...

Shaurya and Legacy of Karmaveer Jayanand Bharti Remembered on the 94th Anniversary of Pauri Kranti Diwas

Shaurya and Legacy of Karmaveer Jayanand Bharti Remembered on the 94th Anniversary of Pauri Kranti Diwas By - Prem Pancholi The Shail Shilpi Vikas Sangathan organized...

समाधान दिवस पर 120 शिकायतें दर्ज, त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया आरम्भ – जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान

जनसमस्याओं के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में समाधान दिवस आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ....

झीलें कुछ समय के लिए दिखाई देती हैं, स्वतः समाप्त हो जाती हैं।

गंगोत्री ग्लेशियर क्षेत्र में दिखाई देने वाली छोटी हिमनदीय झीलों से तत्काल बड़े खतरे की स्थिति नहीं-वाडिया मीडिया में प्रसारित खबरों के संबंध में यूएसडीएमए...

आयोग से दिए जाने वाले आदेशों का पालन सुनिश्चित करें अधिकारी : मुकेश कुमार

आयोग से दिए जाने वाले आदेशों का पालन सुनिश्चित करें अधिकारी : मुकेश कुमार उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार की अध्यक्षता...